आज लगभग प्रत्येक स्मार्टफोन उपभोक्ता प्रतिदिन अनजान फोन नंबर का पता लगाने और उन पर रोक लगाने के लिए Truecaller इस्तेमाल कर रहा है। यही नहीं साल 2015 में भी यह एप गूगल प्लेस्टोर पर शीर्ष 5 एप में शुमार रहा। अब सवाल है की आखिर Truecaller काम कैसे करता है? एप के पास इतने फ़ोन नंबर्स का डेटा कहाँ से आता है? कही यह आपके फ़ोन में सेंध तो नहीं लगा रहा? हो जाइए सावधान।।। आइए जानते है कि Truecaller के कुछ अनकहे राज़। Truecaller इतने फ़ोन नंबर, नाम ,कॉलर-आईडी अपने ही यूजर्स से ही प्राप्त करता है। यह एप पूरा डेटा यूज़र्स के फ़ोन,फेसबुक,जीमेल अदि से ही इकट्ठा करता है। आज लगभग इसके 100 मिलिअन यूज़र्स हैँ। जब एप को इंस्टॉल किया जाता है तो इसके "एन्ड यूजर एग्रीमेन्ट" के अनुसार यह यूजर की फोनबुक के नाम व नंबर्स को एक्सेस करने की अनुमति लेता है। जब यूजर सभी "टर्म एन्ड कंडीशन" को एक्सेप्ट करता है तो यूजर की फोनबुक का सारा डेटा Trucaller के सर्वर पर अपलोड हो जाता है। इसके बाद यह डेटा Trucaller के इंटरनल एल्गोरिथ्म/डेटा रिफाइनिंग मैकेनिज्म से होता हुआ एक नंबर के साथ एक नाम जोडता ...